करेले का नाम सुनते ही सभी को उसकी कड़वाहट पहले दिमाग मे अति है, लेकिन ये बात आपको नही पता होगी शायद की अगर हम करेलों को किसी खट्टी चीज़ के साथ उबालें तो उसकी कड़वाहट काफी हद तक कम की जा सकती है, ये बात मुझे मेरी माँ बताया करती थीं। करेले हमारे शरीर के रोगों के लिए रामबाण है। खासकर मधुमेह रोगियों के लिए। तो अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो करेलों को अपने दैनिक आहार में हफ्ते में दो बार अवश्य शामिल करें। तो अब हम बात करते हैं करेले का अचार बनाने की। करेले के अचार को हम पारंपरिक तरीके से बनाएंगे जैसे हमारे बड़े बनाया करते थे, इससे हमारा अचार लंबे समय तक रख कर खाया जा सकता है और खराब भी नही होता। और आप कही बाहर किसी लम्बी दूरी के सफर में जा रहे हैं तो आप ये अचार अपने साथ ले जा सकते और खा सकते हैं। तो आइए देखते हैं कि इस रेसिपी में क्या क्या सामग्री चाहिए और कैसे बनेगा।

सामग्री

  1. 500 ग्राम ताज़े करेले (Bitter gourd)

  2. 4-5 आम की कलियाँ या कोई भी खट्टी वस्तु

  3. 1 tbsp साबुत धनिया (coriander)

  4. 1 tsp सौंफ़ (fennel seeds)

  5. 1 tsp मेथी दाना (Fenugreek Seeds)

  6. 1 tsp कलौंजी (Onion seeds)

  7. 1 tbsp पीली सरसों (Yellow mustard seeds)

  8. 1 tsp कश्मीरी मिर्च पाउडर (kashmiri red chilli powder)

  9. 1  tsp हल्दी पाउडर (Turmeric powder)

  10. 1 चुटकी हींग (Asafoetida)

  11. 1 tbsp जीरा (Cumin seeds)

  12. 2 लाल मिर्च साबुत (Whole Red Chilli)

  13. 1 tsp अमचुर (Mango powder)

  14. काला और सफेद नमक (Black & white salt)

  15. 1 tbsp बाज़ार का मिक्स अचार (Readymade mix pickle)

  16. 8-10 tbsp सरसों का तेल (Mustard oil)

How to make Bitter Gourd pickle Step by step (करेले का अचार बनाने की विधि) –

  • सबसे पहले करेलों को खटाई के साथ प्रेशर कुकर में एक सीटी आने तक उबाल लें। खट्टी चीज के साथ उबलने से करेलों की कड़वाहट कम हो जाती है।

  • अब उबले करेलों को गोल आकार के मोटे टुकड़ों में काट लें,

  • अब नमक हल्दी लगाकर धूप में रखें लगभग तीन से चार घंटों के लिए ताकि करेलो में जो अतिरिक्त नमी और पानी है वो निकल जाए ताकि अचार लम्बे समय तक सुरक्षित रह सके।

  • अब हम अचार का मसाला तैयार करेंगे, सारे साबुत मसालों को हल्का भोजन लें ताकि मसालों में भी जो नमी है वो खत्म हो जाये।

  •  कुछ सरसों, मेथी साबुत रख कर बाकी के मसालों को पीस लेंगे, कलौंजी को बिल्कुल भी नही पीसना है।

  • अब गैस बंद कर देंगे और उसी ग्राम तवे पर हल्दी को भी हल्का भून लेंगे,

  • अब तीन चार घंटो के बाद हम करेलों को चेक करेंगे कि उसकी नमी खत्म हुई या नही, फिर एक बड़े बाउल में करेले और बाकी के सारे मसालों को जो ऊपर लिखे गए हैं मिला लेंगे और साथ ही साथ सरसों का तेल भी डालकर अच्छे से मिलाएंगे।

  • अब अंत में हम बाज़ार का रेडीमेड अचार मिलाएंगे ताकि हमारा अचार लम्बे समय तक चल सके, अगर आप 1-2 tbsp सिरका (vinegar) डालेंगे तो भी अचार को लम्हें समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • अब अचार को हम किसी साफ सूखे कांच के मर्तबान (air tight container) में भरकर रखें।

  • 3 से 4 दिनो तक अचार के डिब्बे को धूप दिखाएं, एक सूती (cotton) के कपड़े से डब्बे के मुँह को बांधे और फिर धूप में रखें।

वैसे तो आप ये अचार तुरंत खा सकते हैं लेकिन दो दिनों के बाद इसका स्वाद और बढ़ जाता है। इसमें कड़वाहट भी बिल्कुल नही रह जाती है। अचार बनाने और preserve करने के लिए कुछ बाते अवश्य ध्यान दें, की हम जब भी अचार डाल रहे हों हमको हमेशा लकड़ी का चम्मच (wooden spectula) ही इस्तेमाल में लाना चाहिए नाकि स्टील का या किसी मेटल का। और दूसरी बात अचार निकलते समय आपके हाथ बिल्कुल साफ और सूखे होने चाहिए और मर्तबान में हम जो ब स्पून डालेंगे वो भी एकदम सूखा होना चाहिए, पानी बिल्कुल भी नही हो वरना अचार खराब हो सकता है।

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