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हल्दी नींबू मिर्च का अचार । Haldi Neebu Mirch Ka Achar । Turmeric Chilli Lemon Pickle




शर्दियों में कच्ची हल्दी का सेवन हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद सिद्ध हुई है। कच्ची हल्दी के सेवन से कैंसर, दिल को बीमारी, मधुमेह, त्वचा रोग, जैसी बड़ी बीमारों से बचा जा सकता है। इससे लिवर, वजन कम करने, एवं इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है।कच्ची हल्दी को कई प्रकार से प्रयोग में लाया जा सकता है। आज हम कच्ची हल्दी का अचार बनाएंगे जो की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।


आवश्यक सामग्री (Ingredients for Turmeric chilli pickle) -

150 ग्राम कच्ची हल्दी 
150 ग्राम नींबू
50 ग्राम हरी मिर्च
1 tbsp पीली सरसों
1 tbsp मेथी
1 tbsp जीरा
1 tsp सौफ
1 tbsp लाल कश्मीरी मिर्च
1/2 tsp हींग
1/4 tsp कलौंजी
1 tsp काला नमक
1 tsp सफेद नमक
1/2 कप सरसों का तेल
2 नीम्बू का रस


विधि - How to make Turmeric chilli pickle

मिर्च, हल्दी और नीम्बू को अच्छे से धोकर साफ कर लें। हल्दी को छील कर उनके गोल या लम्बे टुकड़े कर लें। और नीम्बू को 1/8 हिस्सों में बांट लें। हरी मिर्च को बीच से फाड़ कर अलग कर लें। अब इन तीनों चीजों को 1 घंटे की अच्छी धूप दिखा दें।


कलौंजी और आधा चम्मच साबुत मेथी सरसों सौफ को छोड़कर बाकी मसाले मेथी, सरसों, जीरा और सौंफ को पैन में सूखा भून लें और फिर ठंडा करके दरदरा पीस लें।


अब उसी पैन में धुंआ उठने तक सरसों का तेल गर्म कर लें।तेल को हल्का ठंडा होने दें अब उसमे बचे हुए साबुत मसाले, हींग और लाल मिर्च पाउडर मिला दें।





अब एक बड़े बाउल में कच्ची हल्दी, हरी मिर्च और नीम्बू डालें उसमे नमक, पिसा हुआ मसाला और 2 नीम्बू का रस मिलाएं।


अब उसमे गर्म किया हुआ सरसों का तेल मिला दें। अच्छे से मिक्स करें, अचार बनकर तैयार है।

तैयार अचार को एक साफ और सूखे शीशे या प्लास्टिक के साफ और सूखे मर्तबान में रखें। 3 से 4 दिन की अच्छी धूप दिखाएं उसके बाद हमारा अचार खाने के तैयार है। नोट

अचार बनाते समय कुछ बातो का खास ध्यान रखें।

अचार की सामग्री में नमी बिल्कुल भी नही होनी चाहिए साथ ही साथ जिस बर्तन में हम अचार बनायेगें और हमारे हाथ साफ और सूखे होने चाहिए।

जिस मर्तबान में हम अचार रखें गें वह मर्तबान खौलते हुए पानी में धुला हुआ होना चाहिए और अच्छी कड़ी धूप में या फिर माइक्रोवेव में सुखाया हुआ होना चाहिए।

जब हम अचार को किसी चम्मच से निकालें तो वह चम्मच भी सूखा हुआ होना चाहिए। किसी भी अचार में एक बूंद पानी या नमी अचार को खराब कर सकती है। 

अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए अचार तेल में डूबा हुआ होना चाहिए। और हर दूसरे माह धूप दिखानी चाहिए।