🌶️ राजस्थानी पानी वाला मिर्च का अचार रेसिपी | बिना तेल के मिर्ची कांजी | Rajasthani Mirchi Ka Achar (Kanji)
- uma rawat
- 25 अक्टू॰ 2025
- 3 मिनट पठन
राजस्थान की पारंपरिक रेसिपीज़ में “पानी वाला मिर्च का अचार” यानी मिर्ची कांजी एक बेहद लोकप्रिय और हेल्दी डिश है।
इस अचार की खासियत यह है कि इसमें तेल का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता, फिर भी इसका स्वाद लाजवाब होता है।

यह अचार सिर्फ 3 दिन में तैयार हो जाता है और लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है।
साथ ही यह आपकी पाचन क्रिया को बेहतर करता है और गर्मियों या सर्दियों दोनों मौसमों के लिए एकदम परफेक्ट है।
🧂 आवश्यक सामग्री (Ingredients)
मिर्च का अचार बनाने के लिए सामग्री:
ताज़ी हरी मिर्च – 500 ग्राम (कम तीखी वाली)
बारीक राई (लाल राई) – 4 बड़े चम्मच
साबुत सौंफ – 3 बड़े चम्मच
मेथी दाना – 1 छोटी चम्मच
भुना जीरा या जीरा पाउडर – 1 छोटी चम्मच
हल्दी पाउडर – 1 छोटी चम्मच
हींग – ¾ छोटी चम्मच
नमक – स्वादानुसार (लगभग 3 छोटी चम्मच)
सफेद सिरका – 2 बड़े चम्मच
पानी – 2–3 गिलास (उबालने के लिए)
👩🍳 विधि (How to Make Water Based Mirchi Pickle)
Step 1: मिर्च की तैयारी करें
ताज़ी हरी मिर्चों को अच्छे से धोकर पूरी तरह सूखा लें।
मिर्च का डंठल न हटाएं।
हर मिर्च में लंबाई में हल्का कट लगाएं (नीचे का हिस्सा थोड़ा छोड़ दें)।
Step 2: मसाले पीसें
मिक्सर जार में राई, सौंफ, मेथी दाना, जीरा, हल्दी, हींग और नमक डालें।
इसे दरदरा पीस लें ताकि मसाले का टेक्सचर बरकरार रहे।
चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा काला नमक भी मिला सकते हैं।
Step 3: मिर्च को हल्का उबालें
एक कढ़ाई में 2–3 गिलास पानी उबालें।
उबाल आने पर गैस धीमी कर दें और मिर्च डाल दें।
गैस बंद करें और ढककर 10–15 मिनट छोड़ दें ताकि मिर्चें हल्की सॉफ्ट हो जाएं।
मिर्चों को पानी से निकाल लें और पानी संभालकर रख लें — यही पानी बाद में अचार में इस्तेमाल होगा।
Step 4: मिर्च में मसाला भरें
अब हर मिर्च के अंदर तैयार मसाला भरें और हल्के हाथ से दबा दें ताकि मसाला अच्छे से टिक जाए।
Step 5: अचार का जार तैयार करें
एक साफ और सूखा कांच या चीनी मिट्टी का जार लें।
सभी स्टफ की हुई मिर्चें उसमें डालें।
बचा हुआ मसाला ऊपर से डाल दें।
अब ठंडा किया हुआ वही मिर्च वाला पानी जार में डालें, ताकि सारी मिर्चें पानी में डूब जाएं।
दो बड़े चम्मच सफेद सिरका मिलाएं (यह नैचुरल प्रिजर्वेटिव का काम करेगा)।
Step 6: फर्मेंटेशन प्रक्रिया
जार को किसी पतले कॉटन के कपड़े से ढककर 2–3 दिन के लिए धूप में रखें।
सर्दियों में 5–7 दिन तक लग सकते हैं।
जब राई के दाने ऊपर तैरने लगें और पानी में हल्की खटास आ जाए, तो समझिए मिर्ची कांजी तैयार है।
🍽️ सर्विंग सुझाव (Serving Tips)
आप इस अचार का पानी ऐसे भी पी सकते हैं जैसे गोलगप्पे का पानी, बेहद स्वादिष्ट लगता है।
इसे रोजाना थोड़ी मात्रा में भोजन के साथ लें — यह आपके डाइजेशन को बेहतर बनाता है।
तैयार अचार को फ्रिज में रखकर 2–3 महीने तक स्टोर किया जा सकता है।
🌿 हेल्थ बेनिफिट्स (Health Benefits)
यह फर्मेंटेड अचार प्रोबायोटिक गुणों से भरपूर होता है।
पेट की गैस, कब्ज और अपच की समस्या को दूर करता है।
बिना तेल और कम मसालों के कारण कम कैलोरी और हेल्दी है।
इसमें मौजूद सिरका और राई शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
🧡 Expert Tips
मिर्चों को उबालते समय ध्यान रखें कि वे बहुत सॉफ्ट न हों।
जार और चम्मच हमेशा सूखे इस्तेमाल करें ताकि अचार खराब न हो।
फर्मेंटेशन के दौरान रोजाना 1 बार जार को हल्का हिला लें।
सर्दियों में धूप कम मिले तो जार को कमरे के गर्म हिस्से में रखें।
राजस्थान का यह पारंपरिक पानी वाला मिर्च का अचार न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि बेहद हेल्दी और पाचन के लिए फायदेमंद भी है।
अगर आप बिना तेल वाला अचार ट्राई करना चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर बनाएं।
3 दिन में तैयार होने वाला यह अचार आपकी थाली में अलग ही स्वाद लेकर आता है।
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